यह भाग तम्बू के दीवट का वर्णन करता है। आज मैं पुष्पकोश, फूल और दीपक के आत्मिक मतलब का वर्णन करूंगा। परमेश्वर ने सबसे पहले मूसा को सोने से दीवट की डंडिया बनाने का आदेश दिया था। इसलिए पहले डंडियों को बनाया गया, और फिर इन डंडियों से डालियों को बनाया गया। दीवट की प्रत्येक बाजू से तिन डालियाँ निकलती थी, और प्रत्येक डालियों पर बादाम के फूल के समान तिन पुष्पकोश बने थे, और फिर गांठ और फूल बनाए गए। इस तरह, डालियों के ऊपर सात दीपक को रखे गए थे। फिर उजियाला करने के लिए इन दीपकों के अन्दर तेल डाला गया। इस प्रकार दीवट पवित्र स्थान के अन्दर के भाग को और सारे पात्र को प्रकाशित करता था।
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इस्राएल के लोगों के बिच में से किसी भी पापी को अपने पापों के लिए, तम्बू के पास बलिदान का अर्पण लाना पड़ता था,...
निर्गमन २८:३६ कहता है, “फिर चोखे सोने की एक पट्टी बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उसमें ये अक्षर खोदे जाएँ, अर्थात् ‘यहोवा...
यह भाग मिलापवाले तम्बू के आँगन के खम्भे, परदे, लटकते हुए सफ़ेद बटी हुई सनी के कपड़े, पट्टिया, कुण्डी, पीतल की कुर्सियां, और पीतल...