आज हम महायाजक के अभिषेक के बारे में देखेंगे। यहाँ परमेश्वर ने मूसा को हारून और उसके बेटों को किस रीति से अभिषेक करना है वह विस्तारपूर्वक बताया है। वचन ९ में लिखे ‘पवित्र करना’ शब्द का मतलब यहाँ अलग करना, तैयार करना, समर्पित करना, या सन्मानित करना है। दुसरे शब्दों में, अभिषेक का मतलब है की पवित्र होना और परमेश्वर को समर्पित होना। इसलिए, “महायाजक के रूप में अभिषेक पाना” मतलब “महायाजक का अधिकार और काम देने के लिए अलग करना”। परमेश्वर ने हारून और उसके बेटों को महायाजक और याजकीय पद का अधिकार दिया, जो उन्हें अपने लोगों के लिए पापों की माफ़ी प्रस्तुत करने के लिए योग्य बनाता था।
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आज हम महायाजक के वस्त्र में छिपे आत्मिक अर्थ को देखेंगे। यह वस्त्र हारून और उसके बेटों को पहनने के लिए थे। महायाजक के...
आइए अब हम हमारा ध्यान महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए सामग्री की ओर लगाते है। महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले...
यह भाग मिलापवाले तम्बू के आँगन के खम्भे, परदे, लटकते हुए सफ़ेद बटी हुई सनी के कपड़े, पट्टिया, कुण्डी, पीतल की कुर्सियां, और पीतल...