वह महायाजक था जो प्रायश्चित के दिन इस्राएल के लोगों के लिए बलिदान अर्पण करता था। यह बलिदान इस्राएली पंचांग के मुताबिक़ साल में एक बार सातवे महीने के दसवे दिन दिया जाता था। उस दिन, जब महायाजक हारून इस्राएल के लोगों के स्थान पर उनके लिए अर्पण चढ़ाता था, तब वास्तव में उनके सारे अपराध इस बलिपशु के ऊपर चले जाते थे और शुध्ध हो जाते थे। इसलिए प्रायश्चित का दिन इस्राएल के लोगों के लिए एक बड़ा उत्सव बन गया।
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यह भाग मिलापवाले तम्बू के आँगन के खम्भे, परदे, लटकते हुए सफ़ेद बटी हुई सनी के कपड़े, पट्टिया, कुण्डी, पीतल की कुर्सियां, और पीतल...
निर्गमन २८:३६ कहता है, “फिर चोखे सोने की एक पट्टी बनवाना, और जैसे छापे में वैसे ही उसमें ये अक्षर खोदे जाएँ, अर्थात् ‘यहोवा...
आइए अब हम हमारे ध्यान को चपरास की ओर लगाते है जिसके द्वारा महायाजक इस्राएल के लोगों का न्याय करता था। उपरका भाग हमें...