आइए अब हम हमारे ध्यान को चपरास की ओर लगाते है जिसके द्वारा महायाजक इस्राएल के लोगों का न्याय करता था। उपरका भाग हमें कहता है की न्याय की चपरास को कपड़े से चौकोर और दोहरे नाप से बनाया था और उसकी लम्बाई और चौड़ाई एक एक बित्ते की थी। इस कपड़े को सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े को एकसाथ मिलाकर बुना गया था। इस कपड़े के ऊपर चार पंक्ति में बारह कीमती मणि लगाए गए थे। परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा था की वह उरीम और तुम्मीम को भी न्याय की चपरास पर लगाए। यहाँ उरीम और तुम्मीम का मतलब है ‘प्रकाश और संपूर्णता।’
https://www.bjnewlife.org/
https://youtube.com/@TheNewLifeMission
https://www.facebook.com/shin.john.35
आज हम महायाजक के अभिषेक के बारे में देखेंगे। यहाँ परमेश्वर ने मूसा को हारून और उसके बेटों को किस रीति से अभिषेक करना...
आइए अब हम हमारा ध्यान महायाजक के वस्त्रों को बनाने के लिए इस्तेमाल हुए सामग्री की ओर लगाते है। महायाजक के द्वारा पहने जानेवाले...
तम्बू के पटिए जहाँ परमेश्वर निवास करता था वह सोने से मढ़े हुए थे। तम्बू के प्रत्येक पटिए को सीधे खड़े रखने के लिए,...