10. न्याय की चपरास (निर्गमन २८:१५-३०)

Episode 10 • December 09, 2022 • 00:50:23
10. न्याय की चपरास (निर्गमन २८:१५-३०)
मिलापवाला तम्बू (III): पानी और आत्मा के सुसमाचार का पूर्वचित्रण
10. न्याय की चपरास (निर्गमन २८:१५-३०)

Dec 09 2022 | 00:50:23

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Show Notes

आइए अब हम हमारे ध्यान को चपरास की ओर लगाते है जिसके द्वारा महायाजक इस्राएल के लोगों का न्याय करता था। उपरका भाग हमें कहता है की न्याय की चपरास को कपड़े से चौकोर और दोहरे नाप से बनाया था और उसकी लम्बाई और चौड़ाई एक एक बित्ते की थी। इस कपड़े को सोने, नीले, बैंजनी, और लाल कपड़े और बटी हुई सनी के कपड़े को एकसाथ मिलाकर बुना गया था। इस कपड़े के ऊपर चार पंक्ति में बारह कीमती मणि लगाए गए थे। परमेश्वर ने मूसा से यह भी कहा था की वह उरीम और तुम्मीम को भी न्याय की चपरास पर लगाए। यहाँ उरीम और तुम्मीम का मतलब है ‘प्रकाश और संपूर्णता।’

 

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